UP Board Class 12 Hindi Model Paper 2021

UP Board Class 12 Hindi Model Paper 2021

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UP Board Class 12 Hindi Model Paper 2021

अनुक्रमांक ………………
नाम ……………..

116                                               421(TT)

                              2021               पूर्णींक – 100
                 सामान्य हिंदी मॉडल पेपर 
                          Class – 12
समय – 3 घंटे 15 मिनट
निर्देश – प्रारंभ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित है।

निर्देश : (i) संपूर्ण प्रश्नपत्र दो भागो – खंड ‘क’ तथा खंड ‘ख’ में विभाजित है।
ii) सभी प्रश्न अनिवार्य है।

खंड (क)

1. (क) ‘निंदा- रस’ निबंध के रचनाकार है —

(¡) हजारी प्रसाद द्विवेदी ‌ (¡¡) हरिशंकर परसाई
(¡¡¡) वासुदेव शरण अग्रवाल (iv) रामचंद्र शुक्ल   1

(ख) ‘चिंतामणि’ निबंध-संग्रह के रचनाकार है —

(¡) मुंशी प्रेमचन्द (¡¡) श्यामसुंदर दास
(¡¡¡) गुलाब राय (iv ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल  1

(ग) बाबू गुलाब राय द्वारा रचित ‘मेरी असफलताएं’ किस‌ विधा पर आधारित है –

(¡) जीवनी ‌ (¡¡) ‌‌ डायरी
(¡¡¡) आत्मकथा ‌ (iv)‌ कहानी   1

घ) ‘कलम का सिपाही’ जीवनी–विधा के लेखक हैं —

(¡) ‌ अमृतराय (¡¡) यशपाल
(¡¡¡) जैनेंद्र कुमार (iv) मुंशी प्रेमचंद    1

(ड़) ‌ब्राह्मण पत्रिका के संपादक थे —

(¡) प्रताप नारायण मिश्र (¡¡) गुलाब राय
(¡¡¡) बालकृष्ण भट्ट (iv) ‌ महावीर प्रसाद द्विवेदी   1

2. (क) कृष्ण काव्य धारा के कवि नहीं है —

(¡) नंददास (¡¡) चतुर्भुज दास
(¡¡¡) नाभादास (iv) सूरदास 1

(ख) ‘भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार’ नहीं मिला है —

(¡) सुमित्रानंदन पंत को
(¡¡) मैथिलीशरण गुप्त को
‌‌ (¡¡¡) रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को
(iv) महादेवी वर्मा को    1

(ग)‌ ‌ रीतिमुक्त काव्यधारा के कवि हैं—
(¡) घनानंद (¡¡) भूषण
(¡¡¡) बिहारी (iv) केशवदास 1

(घ) हिंदी का प्राचीनतम महाकाव्य हैं—
(¡) श्री रामचरित्रमानस (¡¡) पद्मावत
(¡¡¡) पृथ्वीराज रासो (iv) प्रियप्रवास 1

(ड़) अज्ञेय ने ‘तारसप्तक’ का प्रकाशन किया—
(¡) सन् 1943 में (¡¡) सन् 1947 में
(¡¡¡) सन् 1950 में (iv) सन् 1952 में 1

3. दिए गए गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए – 5×2=10

राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्य ने युगो युगो में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन का स्वास- प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंधमात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि संभव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ साथ जन की संस्कृति का महत्त्वपूर्ण स्थान है। यदि भूमि और जन अपनी संस्कृति में विरहित कर दिए जाए तो राष्ट्र का लोप समझना चाहिए। जीवन के विटप का पुष्प संस्कृति है। संस्कृति के सौंदर्य और सौरभ में ही राष्ट्रीय जन के जीवन का सौंदर्य और यश अंतर्निहित है। ज्ञान और कर्म; दोनों के परस्पर प्रकाश की संज्ञा संस्कृति है।

‌‌ (¡)‌ उपयुक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।
(¡¡) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(¡¡¡) राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ ही और किसका महत्वपूर्ण स्थान है?
(iv) ‌ राष्ट्र का लोप कब समझना चाहिए?
(v) संस्कृति के सौंदर्य और सौरभ में क्या अंतर्निहित है?

अथवा

जो कुछ भी हम इस संसार में देखते हैं, वह ऊर्जा का ही स्वरूप है। जैसा कि महर्षि अरविंद ने कहा है कि हम भी उर्जा के ही अंश हैं। इसलिए जब हमने यह जान लिया है कि आत्मा और पदार्थ; दोनों ही अस्तित्व का हिस्सा है, वे एक -दूसरे से पूरा तादात्म्य रखे हुए हैं तो हमें यह एहसास भी होगा कि भौतिक पदार्थ की इच्छा रखना किसी भी दृष्टिकोण से शर्मनाक या गैर – आध्यात्मिक बात नहीं है।

(¡) उपयुक्त गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम लिखिए।

(¡¡) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
(¡¡¡) महर्षि अरविंद ने क्या कहा है?
(iv) हम इस संसार में जो कुछ देखते हैं, वह क्या है?
(v) ‘अस्तित्व’ और ‘तादात्म्य’ शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

4. दिए गए पद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए – 5×2=10
कहते आते थे यही अभी नरदेही,
माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।”
‌ अब कहें सभी यह हाय!‌ विरुद्ध विधाता-
‌ ‌ “हे पुत्र पुत्र ही, रहे कुमाता माता।
बस मैंने इसका बाह्य–मात्र ही देखा,
‌‌ दृढ़ ह्रदय ने देखा, मृदुल गात्र ही देखा।
परमार्थ न देखा, पूर्ण स्वार्थ ही साधा,
इस कारण ही तो हाय आज यह बाधा!
युग–युग तक चलती रहे कठोर कहानी-
“रघुकुल में थी एक अभागिन रानी।”

(¡) ‌उपयुक्त पद्यांश के अनुसार आज तक लोग क्या कहते आए हैं?
(¡¡) ‌ इस पंक्तियों में कैकेयी को किस बात का पछतावा हुआ ‌‌है?
(¡¡¡) ‌ उपयुक्त पंक्तियों में किस रस का प्रयोग हुआ है?
(iv) ‌ रेखांकित अंश का भावार्थ लिखिए।
(v) कविता के शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।
‌                             अथवा

यह मनुज, ब्रह्मांड का सबसे सूरम्य प्रकाश,
कुछ छिपा न सकते जिससे भूमि या आकाश।
यह मनुज जिसकी शिखा उद्दाम,
कर रहे जिसको चराचर भक्ति युक्त प्रमाण।
यह मनुज, जो सृष्टि का ‌‌श्रृंगार,
‌ ज्ञान का, विज्ञान का, आलोक का आगार।
व्योम से पाताल तक सब कुछ इसे हैं ज्ञेय,”
पर न यह परिचय मनुज का, यह न उसका श्रेय
श्रेय उसका, बुद्धि पर चैतन्य उर की जीत;

(¡) आकाश और पृथ्वी का कोई भी अस्तित्व इससे अज्ञात नहीं रह सकता?
(¡¡) ‌ संसार के सभी जड़-चेतन पदार्थ, किस कारण मनुष्य को प्रमाण करते हैं?
(¡¡¡) ‌‘आगार’ और ‘श्रेय’ शब्दों का अर्थ लिखिए।
(iv) रेखांकित अंश का भावार्थ लिखिए।
(v) ‌‌ कविता के शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।

5. (क) निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाओं का उल्लेख कीजिए— (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द) 3+2=5

(¡)  वासुदेव शरण अग्रवाल
(¡¡)  डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी 
(¡¡¡)‌  डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम

(ख)निम्नलिखित में से किसी एक कवि का साहित्यिक परिचय देते हुए उनके प्रमुख कृतियों का उल्लेख कीजिए— (अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द) 3+2=5

(¡) ‌ जयशंकर प्रसाद
‌ (¡¡) महादेवी वर्मा
(¡¡¡) रामधारी सिंह ‘दिनकर’

6. ‘बहादुर’ अथवा ‘ध्रुवयात्रा’ कहानी के उद्देश्य पर प्रकाश डालिए। 5

अथवा

‘पंचलाइट’ अथवा ‘बहादुर’ कहानी का सारांश लिखिए।

7. स्वपठित खंडकाव्य के आधार पर किसी एक खंड की एक प्रश्न का उत्तर दीजिए— 5
(अधिकतम शब्द सीमा 80 शब्द)

(¡) ‘रश्मिरथी’ खंडकाव्य के आधार पर कर्ण का चरित्र–चित्रण कीजिए।
अथवा
‘रश्मिरथी’ खंडकाव्य के कथानक पर संक्षेप मे प्रकाश डालिए।
(ii) ‘आलोक-वृत्त’ खंडकाव्य के कथानक पर संक्षिप्त प्रकाश डालिए
अथवा
आलोक-वृत’ खंडकाव्य के आधार पर गांधी जी का चरित्र चित्रण कीजिए।

(iii) ‘सत्य की जीत’ खंडकाव्य की नायिका की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए
अथवा
‘सत्य की जीत’ कहानी का सारांश अपने शब्दों में प्रस्तुत कीजिए।
(iv) ‘त्यागपथी’ खंडकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
‌ अथवा
‘त्यागपथी’ खंडकाव्य के नायक का चरित्र–चित्रण कीजिए।
(v) ‘श्रवणकुमार’ खंडकाव्य के ‘अभिशाप–सर्ग’ की कथावस्तु लिखिए।
अथवा
‘श्रवणकुमार’ खंडकाव्य के नायक का चरित्र–चित्रण कीजिए।
(vi) ‘मुक्तियज्ञ’ खंडकाव्य का कथानक संक्षेप में लिखिए।
अथवा
‘मुक्तियज्ञ’ खंडकाव्य के नायक के चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

खंड ‘ख’

8 (क) दिए गए संस्कृत गद्यशो में से किसी एक का ससंदर्भ हिंदी में अनुवाद कीजिए— 2 + 5 = 7
भारतीय संस्कृति : तु सर्वेषां मतावलम्बिनां संगमस्थली।
काले-काले विविधा: विचारा: भारतीय–संस्कृतौ समाहिता:। एषा संस्कृति: सामासिकी संस्कृति यस्या: विकासे विविधखनां जातिनाम्, संप्रदायानां, विश्वासानाञ्च, योगदानं दृश्यश्ते । अतएव अस्माकं भारतीयानाम् एका संस्कृति: एका च राष्ट्रीयता। सर्वेअपि वयं एकस्या: संस्कृते: समुपासका: एकस्य राष्ट्रस्य च राष्ट्रीया: ।
या
यथैवोपकरणवतां जीवनं तथैव ते जीवनं स्यात्। अमृतत्वस्य तु नाशास्ति वित्तेन इति। सा मैत्रेयी उवाच — येनाहं नामृता स्थाम् किमहं तेन कुर्याम? यदेव भगवान् केवलअमृत्वसाधनं जानाति, तदेव मे ब्रूही । याज्ञवल्क्य उवाच—प्रिया न: सती त्वं प्रियं भाषसे। एहि, उपविश, व्याख्यास्यामि ते अमृत्वसाधनम् ।

(ख) दिए गए श्लोको में से किसी एक का ससंदर्भ हिन्दी में अनुवाद ‌ कीजिए— 2 + 5 = 7
सुखार्थिन: कुतो विद्या कुतो विद्यार्थिनः सुखम् ।
सुखार्थी वा त्यजेद् विद्यां विद्यार्थी वा त्यजेत सुखम् ।।
अथवा
काव्य–शास्त्र-विनोदेन कालो गच्छति धीमताम् ।
व्यसनेन च मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा ।।

 

9. निम्नलिखित मुहावरो एवं लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए – 1 + 1 = 2
(¡) आंखों का तारा होना
(¡¡) नौ–दो ग्यारह होना
(¡¡¡) लाल–पिला होना
(¡v) ऊट के मुंह में जीरा

10. निम्नलिखित शब्दों के संधि–विच्छेद के सही विकल्प का चयन कीजिए –

(¡) ‘महर्षि:’ का संधि–विच्छेद है—
(क) मह + र्षि: (ख) म + हर्षि:
(ग) महा + ऋषि: ‌ (घ) महा + रिषि: 1

(¡¡)‘विद्यालय:’ का सन्धि–विच्छेद है—
(क)विद्या + लय: (ख) विद्य + आलय:
(ग)विद्या + आलय:(घ) विद्या + यालय:1

(¡¡¡)‘मध्वरि’ का सन्धि–विच्छेद है— 
(क)मधु + अरि: (ख)मधु + वरि:
(ग)म +ध्वरि: (घ)मध्व + रि:1

(ख) निम्नलिखित शब्दों की ‘विभक्ति’ और ‘वचन’ के
अनुसार चयन कीजिए—

(¡) ‘आत्मनो:’  में विभक्ति और वचन है—
(क) सप्तमी,द्विवचन (ख)षष्ठी,बहुवचन 
(ग) पंचमी,बहुवचन (घ)प्रथमा,द्विवचन  1 
(¡¡)‘नामनी’ में विभक्ति और वचन है—
(क)चतुर्थी,एकवचन (ख)प्रथमा,द्विवचन 
(ग)पंचमी, एकवचन (घ)षष्ठी,बहुवचन   1

(क) ‌‌ निम्नलिखित शब्द युग्म का सही अर्थ चयन
कर लिखिए—

(¡) पुरुष-परुष –
(क) नर और नारी (ग) आदमी और फरसा
‌‌ (‌ग) पुरुष और पैसा (घ) आदमी और कठोर 1

(¡¡) परिपात-प्रपात ‐
(क) दुख और पराक्रम ‌ (ख) गर्मी और शक्ति
‌ (ग) ताप और तप ‌ (घ) तप्त और धारा 1

(ख) निम्नलिखित शब्दों में से किसी एक शब्द के दो अर्थ
‌‌लिखिए— 1 + 1 = 2
(i) अम्बुज (ii) शिखा ‌‌ (iii) कनक

(ग) निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द का चयन करके लिखिए—

‌‌(¡) थोड़ी देर में नष्ट हो जाने वाला 1
(अ) अक्षय (ब) क्षणभंगु (स) दुर्दम्य (द) अक्षम

(¡¡) जो अपने आचरण से पवित्र हो 1
(‌‌अ) शुचिकर्मा (ब) शाक्त (स) सर्वज्ञ (द) आस्तिक

(घ) निम्नलिखित में किन्ही दो वाक्य को शुद्ध करके लिखिए— 1 + 1 = 2
(अ) पढ़ा लिखा होने पर वह समझदार नहीं है।
(ब) तुम्हें अध्ययन जारी रखना चाहिए।
(स) महादेवी वर्मा हिंदी की सुप्रसिद्ध कवित्री हैं।
‌ (द) इस कागज पर प्रबंधक का हस्ताक्षर होना चाहिए।

12. (क) वीर अथवा करुण रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए। 1 + 1 = 2
(ख) अनुप्रास अलंकार अथवा श्लेष अलंकार का लक्षण उदाहरण सहित लिखिए। 1 + 1 = 2
(ग) कुंडलिया अथवा सोरठा छंद का लक्षण उदाहरण सहित लिखिए। 1 + 1 = 2

13. अपने जनपद के किसी विद्यालय के शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए विद्यालय प्रबंधक के नाम अपना आवेदन- पत्र लिखिए। 2+4=6
अथवा
अपने ग्राम प्रधान की ओर से अपने जनपद के जिला
अधिकारी को पत्र लिखिए , जिसमें गांव की सफाई-व्यवस्था हेतु अनुरोध किया गया हो।

14. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर अपनी भाषा शैली में निबंध लिखिए। 9

(अ) भारत में कंप्यूटर का महत्व
‌(ब) भ्रष्टाचार : कारण और निवारण
(स) भारत में बेरोजगारी की समस्या
(द) पर्यावरण–प्रदूषण : समस्या और समाधान

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